सीएम फडणवीस के आश्वासन के बाद आंदोलन वापस लेने को किसान राजी
प्रदर्शन कर रहे किसानों को कांग्रेस, शिवसेना और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना का समर्थन मिला है. आरएसएस ने भी राज्य सरकार से इस मुद्दे के समाधान की मांग की है. वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे लेकर अपने आवास पर एक हाई लेवल मीटिंग की और किसानों की मांग पर विचार के लिए 6 सदस्यीय कमिटी का गठन किया है.
मुंबई के आजाद मैदान में डटे किसानों के प्रतिनिधि अपनी मांगों को लेकर आज दोपहर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की. सूत्रों के मुताबिक, इस मुलाकात में समझौते का रास्ता निकल चुका है. महाराष्ट्र सरकार किसानों को ये लिखित आश्वासन देने को तैयार है कि उनकी सारी मांगों पर अगले दो महीने में विचार किया जाएगा. मुंबई के आजाद मैदान में डटे ये किसान अपने सारे कर्जों की माफी, बकाया बिजली बिल में राहत और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें तत्काल लागू किए जाने की मांग कर रहे हैं.
कर्जमाफी और फसलों के उचित मूल्य सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ये किसान आज महाराष्ट्र विधानसभा घेरने की तैयारी में थे, हालांकि अब ऐसी खबर है कि किसान जल्द ही अपना विरोध प्रदर्शन खत्म कर सकते हैं.
बता दें कि लेफ्ट से जुड़े ऑल इंडिया किसान सभा (एआईकेएस) की अगुवाई में करीब 30 हजार किसानों का जत्था नासिक से छह दिनों तक पैदल चल कर रविवार को 180 किलोमीटर दूर मुंबई पहुंचा था. प्रदर्शन कर रहे किसानों को कांग्रेस, शिवसेना और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना का समर्थन मिला है. आरएसएस ने भी राज्य सरकार से इस मुद्दे के समाधान की मांग की है.
आजाद मैदान में जुटे किसानों को वापस भेजने के लिए सेंट्रल रेलवे मुंबई के सीएसएमटी से भुसावल तक आज शाम 8:50 से 10:00 बजे तक दो स्पेशल चलाएगी.
प्रदर्शन कर रहे किसानों को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उनकी सरकार ने सभी मांगें मान ली हैं. उन्होंने कहा, 'हमने उनसे वादा किया है कि आदिवासी जिसके योग्य हैं उन्हें वो मिलेगा. किसानों ने सामूहिक भूमि पर काम करने वाले लोगों के अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए वन अधिकार अधिनियम के कार्यान्वयन की मांग की थी. इसके अलावा उन्होंने बुनियादी सुंचाई सुविधा के लिए लोन सुनिश्चित करने की मांग की थी.' महाराष्ट्र के मंत्री वी सावरा ने कहा कि किसानों ने शिकायत की थी कि जिस जमीन पर वे खेती करते हैं उन्हें उसका अधिकार दिया जाए. सीएम उनकी मांग को मानने के लिए तैयार हैं और मुख्य सचिव इस पर आगे की कार्रवाई करेंगे. इस पर 6 महीने में कार्यान्वयन शुरू हो जाएगा.
(साभार: न्यूज़-18)
संपादक- स्वतंत्र भारत न्यूज़
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