विशेष: लहू बोलता भी है: जंगे आजादी ए हिन्द के एक और मुस्लिम किरदार- रफीक मियाँ जफर
आइए, जानते हैं, जंगे आजादी ए हिन्द के एक और मुस्लिम किरदार- रफीक मियाँँ जफर को,
रफीक मियाँ जफर की पैदाइश सन् 1912 को नागपुर (महाराष्ट) में हुई थी। आपके वालिद का नाम मोहम्मद मियां था। जो कि, जमाते-उलमा-ए-हिन्द की जंगे-आज़ादी की मुहिम में सरगर्म कारकुन थे। जिनकी सोहबत और घर के माहौल ने रफ़ीक मियां को भी जंगे-आज़ादी की लड़ाई का हिस्सेदार बना दिया। रफीक़ मियां सन् 1941 के किसी जुलूस में गिरफ़्तार हुए लेकिन जल्द ही छूट गये।
सन् 1942 के क्विट इण्डिया मूवमेंट में आपने अपनी कोशिशों से काफी नौजवानों को शामिल करके 15 अगस्त सन् 1942 को जुलूस निकाला। इस जुलूस पर पुलिस ने फायरिंग कर दी जिसमें आप ज़ख्मी होकर गिर गये। आपके दोस्तों ने आपको उठाकर घर पहुंचाया जहां चन्द घण्टे बाद ही अपने वालिद की गोद में इंतक़ाल कर गये।
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