ड्रोन के विद्युतचुंबकीय व्यतिकरण (ईएमआई) और विद्युतचुंबकीय संगतता (ईएमसी) परीक्षण को साकार करने के लिए एनटीएच ने एसटीक्यूसी-ईआरटीएल (नॉर्थ) के साथ साझेदारी की: उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय
इस नई साझेदारी से भारत का ड्रोन प्रमाणन तंत्र को मजबूती मिलेगी!
इस नए सहयोग से सुरक्षा, सामर्थ्य और वैश्विक स्वीकृति को बढ़ावा मिलेगा!
नई-दिल्ली (PIB): राष्ट्रीय परीक्षण केंद्र (एनटीएच) ने केंद्र सरकार की 'मेक इन इंडिया', ' आत्मनिर्भर भारत' और ' विजन 2047' के प्रति प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करते हुए भारत को सुरक्षित, विश्वसनीय और प्रमाणित ड्रोन प्रौद्योगिकियों के लिए विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
राष्ट्रीय परीक्षण केंद्र (एनटीएच) ने इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के अंतर्गत मानकीकरण परीक्षण एवं गुणवत्ता प्रमाणन निदेशालय (एसटीक्यूसी) निदेशालय- इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रीय परीक्षण प्रयोगशाला (उत्तर) [ईआरटीएल (उत्तर)] के साथ सहयोग समझौता किया है। इससे ड्रोनों का विद्युतचुंबकीय व्यतिकरण (ईएमआई) और विद्युतचुंबकीय संगतता (ईएमसी) परीक्षण संभव हो सकेगा जिससे भारत के ड्रोन परीक्षण एवं प्रमाणन ढांचे को मजबूती मिलेगी।
यह सहयोग ड्रोन नियम, 2021 और मानवरहित विमान प्रणालियों के लिए प्रमाणन योजना (सीएसयूएएस), 2022 के तहत एक महत्वपूर्ण नियामक आवश्यकता को पूरा करता है। साथ ही, यह भारत की सुरक्षित, विश्वसनीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करने वाली मानवरहित विमान प्रणालियों (यूएएस) को प्रमाणित करने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करेगा।
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