निजी ट्रेनें चलाए जाने के सटीक समय के बारे में स्पष्टीकरण: रेल मंत्रालय
नई-दिल्ली, 19 जुलाई 2020: रेल मंत्रालय ने रेल के निजीकरण के सम्बन्ध में विज्ञप्ति जारी कर स्पष्टीकरण जारी किया है जिसमें बताया गया है कि, मीडिया के एक वर्ग में ‘निजी ट्रेनों का परिचालन शुरू करने का निर्धारित समय’ शीर्षक से छपी समाचार रिपोर्ट पर कृपया गौर करें, जिसमें यह उल्लेख किया गया है कि ‘निजी ट्रेन परियोजना मार्च 2024 में शुरू होगी।’
वैसे तो इस संबंध में स्पष्टीकरण कल यानी 18 जुलाई 2020 को ही मीडिया ग्रुप को बाकायदा दे दिया गया था, जिसे एक बार फिर दोहराया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि निजी रेलगाड़ियों को मार्च 2023 से चलाना निर्धारित किया गया है।
इससे संबंधित निविदाओं को मार्च 2021 तक अंतिम रूप दे दिया जाएगा और ट्रेनें मार्च 2023 से संचालित की जाएंगी।
यदि किसी भी वजह से कोई गलतफहमी पैदा हुई है, तो उपर्युक्त तथ्यों को ही वास्तविक सरकारी बयान माना जा सकता है।
(फाइल फोटो)
रेल सेवक संघ पिछले कई वर्षों से निजीकरण और ऑउटसोर्सिंग का बिरोध करती चली आ रही है। रेल सेवक संघ के महामंत्री और लोसपा प्रदेश अध्यक्ष (उत्तर प्रदेश) एस. एन. श्रीवास्तव ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया ब्यक्त करते हुए कहा कि, "जब भी रेलवे के निजीकरण की बात उठी तो रेल मंत्री और सरकार ने कहा कि, न निजीकरण हो रहा है और न कर्मचारियों की छटनी होगी परन्तु कोरोना महामारी का सहारा लेकर रेल मंत्री और मोदी सरकार राष्ट्र की रीढ़ की हड्डी कही जाने वाली देश के सबसे बड़े सार्वजनिक प्रतिष्ठान अर्थात देश के 130 करोड़ नागरिकों की संपत्ति को बिना उनकी राय लिए बेच रही है जो देश और देशवासियों के साथ धोखा है। रेल सेवक संघ 'भारतीय रेलवे के निजीकरण और आउट-सोर्सिंग' का पुरजोर बिरोध करती है"।
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