COVID-19: भोपाल की डीएसटी इंस्पायर फैकल्टी ने हल्का कार्बन फोम बनाया है जो लेड बैटरी की जगह ले सकता है: विज्ञानं एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
यह कार्बन फोम दूषित जल से आर्सेनिक, तेल और अन्य धातु को अलग करने में किफायती भी होगा
यह कार्बन फोम गैर-विषाक्त, बनाने में आसान, सस्ता और जल में अघुलनशील है
नई-दिल्ली, 15 मई 2020: विज्ञानं एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने अभी कुछ देर पहले बताया कि, भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा गठित इंस्पायरफैकल्टी अवार्ड प्राप्त सीएसआईआर- एडवांस्ड मटीरियल्स एंड प्रोसेसेसरिसर्च इंस्टीट्यूट के डॉ. राजीव कुमार छिद्रयुक्त कार्बन सामग्री बना रहेहैं जो लेड एसिड बैटरी में लेड-ग्रिड की जगह ले सकता है। यह ऊर्जाइलेक्ट्रॉनिक्स में हीट सिंक्स, एयरोस्पेस में इलेक्ट्रोमैग्नेटिकइंटरफेरेंस शिल्डिंग, हाइड्रोजन भंडारण और लेड एसिड बैटरी एवं जल शुद्धिकरणप्रणाली के लिए इलेक्ट्रोड के रुप में भी उपयोगी हो सकता है।
हाल ही मेंडॉ. राजीव कुमार और उनके अनुसंधान समूह ने हल्का कार्बन फोम विकसित कियाहै जो 0.3जी / सीसी से कम घनत्व, 85% से अधिक काफी छिद्रिल और अच्छी मशीनीशक्ति वाला है। उनके समूह ने कार्बन फोम पर वर्ष 2016 (इंस्पायर फैकल्टी सेजुड़ने के बाद) से काफी प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिकाओं में लगभग 16 शोध-पत्र प्रकाशित करवा चुका है। यह फोम विनाशन अवरोधक है। इसमें काफी सतहीक्षेत्रके साथ बेहतरीन विद्युतीय और तापीय संवाहकता है। इस फोम ने विभिन्नक्षेत्रों में अपनी संभावित उपयोग क्षमता की वजह से हाल ही में सबका ध्यानआकर्षित किया है।
डॉ. राजीव कुमार ने कार्बन फोमके बारे में विस्तार से बताते हुए कहा, "इस फेलोशिप के जरिए हमने संशोधितगुणों के साथ कार्बन फोम को विकसित किया है। हम ऊर्जा भंडारण प्रणाली परकाफी निर्भर है जैसे कि लेड एसिड बैटरी ऑटोमोबाइल्स और घरों में इस्तेमालहोते हैं। हल्का कार्बन फोम लेड एसिड बैटरी की जगह ले सकता है। लेड एसिडबैटरी काफी वजनी, विनाशन क्षमता और कम तापीय स्थायित्व वाला होता है।
इंस्पायर फैलोशिप के तहत विकसित कार्बन फोम दूषित जल से आर्सेनिक, तेल औरअन्य धातुओं को अलग करने में काफी किफायती भी होगा। यह कार्बन फोमगैर-विषाक्त, बनाने में आसान, किफायती और जल में अघुलनशील होगा। कार्बन फोमबनाने में लगने वाला कच्चा माल आसानी से सभी जगह उपलब्ध है और इसे बनानेके लिए किसी महंगे उपकरण की भी जरूरत नहीं है। ऐसी सामग्री का वैसे दूरस्थइलाकों में बिना किसी खतरे की आशंका के उपयोग किया जा सकता है जहां बिजलीआपूर्ति कम होती है।

(ए) ऑप्टिकल इमेज (बी-सी) सेल स्ट्रक्चर दिखाते हुए कार्बन फोम का एसईएम इमेज (डी) दाबक शक्ति
(ई) साइक्लिक वोल्टामेट्री (एफ) विशेष क्षमतावान और (जी) कार्बन फोम का ईएमआई शिल्डिंग प्रदर्शन
[अधिक जानकारी के लिए डॉ. राजीव कुमार से संपर्क कर सकते हैं। ( kumarrajeev4@gmail.com,Ph:07838352624)
प्रकाशन लिंक:
https://scholar.google.co.in/citations?hl=en&user=_bi0TtgAAAAJ&view_op=list_works&sortby=pubdate]
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