पत्रकारिता जगत के "सूर्य"- राजनाथ सिंह "सूर्य" नहीं रहे: नवनीत मिश्र
संत कबीर नगर: वरिष्ठ पत्रकार, संपादक, प्रख्यात स्तंभकार एवं पूर्व राज्यसभा सदस्य- राजनाथ सिंह "सूर्य" का गुरुवार की सुबह निधन हो गया। श्री "सूूर्य" लखनऊ के गोमतीनगर के पत्रकारपुरम स्थित अपने आवास में अंतिम सांस ली। वह 84 वर्ष के थे और गंभीर रोग से पीड़ित थे।
उनका जन्म 03 मई 1937 को अयोध्या जनपद के जनवौरा गांव में हुआ था। उनकी प्रारम्भिक शिक्षा आर्य समाज के विद्यालय में हुई। गोरखपुर विश्वविद्यालय से 1960 में उन्होंने परास्नातक की उपाधि हासिल की। बाल्यकाल से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संपर्क में रहने के कारण वह संघ के तत्कालीन प्रान्त प्रचारक- श्री भाउराव देवरस की प्रेरणा से संघ के प्रचारक बने।
फिर भा•ज•पा• के प्रदेश महामंत्री और 1996 से 2002 तक संसद के उच्च सदन राज्यसभा सदस्य रहे।
श्री सूर्य ने अपने लेखन के जरिए पत्रकारिता जगत लगातार सक्रिय रहे। वह निरंतर समसामयिक मुद्दों पर अपना मत व्यक्त करते रहे।
उन्होंने "हिन्दुस्तान समाचार" से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। वर्षों तक हिन्दी दैनिक "आज" के ब्यूरो प्रमुख रहे। फिर1988 में "दैनिक जागरण" के सहायक सम्पादक बने उसके बाद "स्वतंत्र भारत" के सम्पादक भी रहे।
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