बेसिक शिक्षकों के जनपद के अंदर ट्रांसफर व समायोजन को लेकर बेसिक शिक्षा परिषद की राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के साथ ऑनलाइन बैठक सम्पन्न
लखनऊ,16 अगस्त: जनपद के अंदर स्थानांतरण/समायोजन की नीति बनाने के लिए निदेशक, बेसिक शिक्षा और सचिव, बेसिक शिक्षा द्वारा राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधि मंडल से सुझाव लेने के लिए ऑनलाइन मीटिंग आज सम्पन्न हुई।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अजीत सिंह जी ने समायोजन के सम्बंध में सुझाव दिया कि,
1- "लास्ट इन फर्स्ट आउट" का नियम लागू किया जाए जिससे प्रदेश के सभी जनपदों में एकरूपता बनी रहे।
2-उच्च प्राथमिक में प्रत्येक विद्यालय में विज्ञान/गणित के शिक्षक अवश्य रहें उन्हें सरप्लस मानकर न हटाया जाए।
3-संविलियन विद्यालय में प्राथमिक के प्रधानाध्यापक से विकल्प लेकर अन्य विद्यालयों में हेड के पद पर पदस्थापित किया जाए।
4-छात्र संख्या 1 मार्च 2021 की ली जाए क्योकि कोविड के प्रभाव की वजह से अभी प्रवेश प्रक्रिया गति नही पकड़ पाई है।
जनपद के अंदर स्थानान्तरण/पारस्परिक स्थानांतरण के सम्बंध में महामंत्री भगवती सिंह जी तथा सन्गठन मंत्री शिव शंकर जी ने सुझाव दिया-
1-जनपद के अंदर के ट्रांसफर के लिए सेवा काल की बाध्यता न रखी जाए ।
2-बन्द/एकल की व्यवस्था में एकल हटा दिया जाए।
3-ट्रांसफर लेने हेतु कारण में परिवारी जनों ( माता, पिता, पत्नी , बच्चे आदि ) की बीमारी/देखभाल को भी विकल्प में रखा जाए।
--पति-पत्नी को यथासंभव एक ही स्कूल/ब्लॉक में तैनात किया जाए।
--अंतर्जनपदीय ट्रांसफर की तरह ब्लॉक ट्रांसफर में भी वेटज की व्यवस्था की जाए।
निदेशक, बेसिक शिक्षा ने सन्गठन के द्वारा दिए गए सुझावों से सहमति जताई तथा बताया कि नीति अतिशीघ्र फाइनल करके शासनादेश जारी कर दिया जाएगा।
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