मंत्रिमंडल ने रेलवे क्षेत्र में भारत और जर्मनी के बीच सहमति पत्र को मंजूरी दी
नई-दिल्ली: प्रधानमंत्री- नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल को रेल मंत्रालय और जर्मनी की डीबी इंजीनियरिंग एंड कंसल्टिंग जीएमबीएच के बीच रेलवे क्षेत्र में तकनीकी सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने से अवगत कराया गया। एमओयू पर फरवरी, 2020 में हस्ताक्षर किए गए थे।
विवरण :
रेलवे क्षेत्र में तकनीकी सहयोग के लिए हुए इस समझौता ज्ञापन (एमओयू) से निम्नलिखित क्षेत्रों में सहयोग कायम हो सकेगा :
- माल परिचालन (सीमा पार परिवहन, मोटर वाहन परिवहन और रसद सहित)
- यात्री परिचालन (उच्च गति और सीमा पार यातायात सहित),
- बुनियादी ढांचा निर्माण और प्रबंधन (समर्पित माल गलियारों और यात्री स्टेशनों के विकास सहित),
- एक आधुनिक, प्रतिस्पर्धी रेलवे संगठन का विकास (संगठनात्मक संरचनाओं के सुधार और रेलवे के उद्धार सहित),
- रेलवे के परिचालन, विपणन और बिक्री के साथ-साथ प्रशासनिक उद्देश्यों के लिए आईटी समाधान,
- भविष्यसूचक रख-रखाव,
- निजी ट्रेन संचालन, और
- कोई भी अन्य क्षेत्र जिस पर दोनों पक्षों के बीच लिखित रूप में परस्पर सहमति हो।
पृष्ठभूमि:
रेल मंत्रालय ने सहयोग के पहचाने गए क्षेत्रों के संबंध में विभिन्न विदेशी सरकारों और राष्ट्रीय रेलवे के साथ रेल क्षेत्र में तकनीकी सहयोग के लिए समझौता ज्ञापनों (एमओयू)/ सहयोग के ज्ञापनों (एमओसी)/प्रशासनिक प्रबन्धों(एए) /आशय की संयुक्त घोषणाओं (जेडीआई) पर हस्ताक्षर किए हैं। सहयोग के क्षेत्रों में हाई स्पीड रेल, मौजूदा मार्गों पर गति बढ़ाना, विश्व स्तर के स्टेशनों का विकास, भारी ढुलाई संचालन और रेल के बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण आदि शामिल हैं।
swatantrabharatnews.com
.jpg)


.jpg)



10.jpg)
![अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस- 01मई 2018: मजदूरों का शोषण - मानवता का उपहास - [रेल सेवक संघ]](http://www.swatantrabharatnews.com/uploads/images/10985359_750498361715733_4743675663368666332_n.jpg)
15.jpg)