बेहतर गुर्दा रोग सेवाओ के बल पर शारदा अस्पताल ने बनाई अलग पहचान
ग्रेटर नोएडा: विभिन्न गम्भीर रोगों के निदान के लिए खासी पहचान बना चुका ग्रेटर नोएडा के नालेज पार्क स्थित शारदा अस्पताल इन दिनों अपनी बेहतर सेवाओ के बूते गुर्दा रोग के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाये हुए है।डायलिसिस विस्तार के साथ मरीजो के सफल गुर्दाप्रत्यारोपण की दिशा में सफल प्रयास जारी है।नवनियुक्त गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ वरुण विजय महाजन की तैनाती के बाद नेफ्रोलॉजी विभाग की तश्वीर बदली नजर आ रही है।
निरोगी काया की मंशा हर इंसान में होती है। तमाम सावधानियों के बावजूद अधुनिकता की अंधाधुंध दौड़ में शामिल आज की जिंदगी रोगों की गिरफ्त में आ ही जाती है।मोहमाया में फंसे इंसान को जरूरतों से लड़ने के लिए स्वस्थ्य शरीर की आवश्यकता होती है लेकिन कुछ बीमारियां उसे पंगु बना देती हैं। ऐसी स्थिति में चिकिसक का दर्जा भगवान का दिया जाता है।अपनी कार्यशैली से रुकती, ठिठकती व छिटकती जिंदगी को दौड़ा देने की कूवत रखने वाले गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ• महाजन एनसीआर के शारदा अस्पताल में अपने अनुभवों से गुर्दा रोगियों का बेहतर उपचार कर रहे हैं।डॉ• महाजन बताते हैं खराब जीवन शैली व दूषित खान-पान से किंडनी की बीमारी बढ़ने की ज्यादा संभावनाएं होती हैं। कई बार अत्यधिक दवाइयां भी किंडनी पर बुरा प्रभाव डालती हैं। बीमारी का पता शुरुआती अवस्था मे नही चल पाता। इससे बचने का आसान तरीका है खुद को जागरूक रखना, नियमित जांच करवा कर खुद को इस बीमारी से बचाया जा सकता है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के निजी अस्पतालों में अपेक्षाकृत कम खर्चे पर बेहतरीन गुणवत्ता के साथ डायलिसिस की सुविधा दे रहे शारदा अस्पताल ने पहले की तुलना में अधिक डायलिसिस मशीने लगा कर डायलिसिस की संख्या में इजाफा किया है। आधुनिक सम्पर्क सेवाओ में मरीजो के लिए हर समय सुलभ रहने वाले डॉ• महाजन की अगुवाई में डायलिसिस टीम रात में भी गम्भीर से गम्भीर रोगियों के उपचार के लिए कतराती नही है। इसके लिए उन्होंने 2 ड्यूटी डॉक्टर डॉ स्कंद गुप्ता और डॉ• रंजन यादव को पूरी मुस्तैदी से सक्रिय कर रखा है।
तकनीकि प्रभारी अरुण कुमार की अगुवाई में तकनीकी व नर्सिंग टीम मरीजो के हितों का ध्यान रख बेहतर उपचार देती है।
अपने तजुर्बे और शिक्षा के आधार पर ठिठकती व छिटकती जिंदगी पल में दौड़ा देने वाले डॉ• महाजन मानव सेवा को अपना परम धर्म मानते हैं। कई बार आर्थिक रूप से कमजोर गम्भीर रोगियों को बिना शुक्ल लिए मुफ्त में भी सलाह देते देखे जाते हैं। उनका मानना है कि धन के अभाव में जान नही जानी चाहिए। कहते हैं डॉक्टर भगवान का रूप होता है। इस कहावत को चरितार्थ करते हुए इंसान के रूप में डॉ• महाजन बनकर गौतमबुद्धनगर वासियो को मिला है।
अनिल कुमार श्रीवास्तव, संवाददाता
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