59 वर्ष पहलेआज ही के दिन शुरू हुआ था दूरदर्शन
नई-दिल्ली: स॔चार और डिजिटल क्रांति के इस युग में जीने वाली इस पीढ़ी को दूरदर्शन का मतलब शायद ही पता हो परन्तु पिछ्ली पीढ़ी का दूरदर्शन से काफी गहरा नाता रहा है। 1959 में आज ही के दिन सरकारी प्रकाशक के तौर पर दूरदर्शन की स्थापना हुई थी। छोटे से पर्दे पर चलती बोलती तश्वीर को दिखाने वाला बिजली से चलने वाला यह डिब्बा लोगो के कौतूहल का विषय था। जिसके घर में यह टेलीविजन होता था उसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग उसके घर आते थे। छत पर लगा टेलिविजन का यह ऐन्टीना प्रतिष्ठा का प्रतीक हुआ करता था। देश की कला व संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम इस सरकारी प्रसारण सेवा का अभिन्न अंग थे।
देश-दुनिया के इतिहास में आज की तारिख में दर्ज यह एक महत्वपूर्ण घटना है।
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