आम चुनाव 2019: तैयारी शुरू: सरकार की योजनाओं का आक्रामक प्रचार करेंगे सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम
► 3 राज्यों, 26 हवाईअड्डों पर उज्ज्वला योजना को प्रोत्साहित करने के लिए 2.93 अरब रुपये खर्च करेगी आईओसी
► एनटीपीसी की ई-टेंडरिंग वेबसाइट ने सौभाग्य के लिए टेंडर जारी किया
► सौभाग्य का प्रचार करेंगी पावर ग्रिड और एनएचपीसी
नयी दिल्ली: आगामी 2019 के आम चुनाव के पहले तेल व बिजली क्षेत्र के सरकारी उपक्रमों (पीएसयू) ने अपने क्षेत्र से जुड़ी सरकार की प्रमुख योजनाओं के विज्ञापन की आक्रामक तैयारी शुरू कर दी है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) ने नरेंद्र मोदी की प्रमुख योजना प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के आउटडोर विज्ञापन के लिए करीब 2.93 अरब रुपये का टेंडर जारी किया है। विज्ञापन क्षेत्र से जुड़े एक पेशेवर ने नाम न दिए जाने की शर्त पर कहा, 'हर साल डीएवीपी द्वारा प्रचार के लिए दी जाने वाली राशि की तुलना में यह बड़ी धनराशि है। डीएवीपी करीब 10-12 अरब रुपये का बजट रखता है। इसमें स्वच्छ भारत और जागो ग्राहक जैसी सामाजिक क्षेत्र की योजनाएं शामिल हैं।'
पीएमयूवाई के प्रचार अभियान में कर्नाटक , गुजरात, ओडिशा के साथ मुंबई और दिल्ली में होर्डिंग लगाया जाना शामिल है। इस सिलसिले में पूछे गए सवालों के जवाब में भेजे ई मेल में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, 'यह योजना तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) द्वारा देश भर में लागू की जा रही है। इस योजना का लक्ष्य मुख्य रूप से ग्रामीण महिलाओं को बनाया गया है, ऐसे में ओएमसी का विचार है कि इसके व्यापक प्रचार की जरूरत है, जिससे इस योजना के बारे में ग्रामीण महिलाओं को जागरूक किया जा सके कि रसोई गैस के इस्तेमाल के क्या सामाजिक एवं आर्थिक फायदे हैं।'
आईओसी देश की सबसे बड़ी पेट्रोलियम की खुदरा कारोबारी है जो फिलहाल देश के 26 हवाईअड्डों पर होर्डिंग लगाने जा रही है, जहां सामान्यतया इस लक्षित समूह से जुड़े लोग नहीं आते जाते हैं। पीएमयूवाई के तहत सरकार गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों को मुफ्त में रसोई गैस कनेक्शन मुहैया कराती है। इस योजना का लक्ष्य समय से 7 महीने पहले अगस्त के मध्य तक पूरा होने की संभावना है, जिसके तहत 5 करोड़ कनेक्शन का लक्ष्य हासिल करना है। ठीक इसी समय सरकार अपनी 4 साल की उपलब्धियां दिखाने के लिए व्यापक रूप से विज्ञापन देने जा रही है, जो स्वतंत्रता दिवस के पहले हो जाएगा। सराकर ने पीएमयूवाई के तहत अब तक देश के 715 जिलों में 4.89 करोड़ रसोई गैस कनेक्शन दिए हैं।
सार्वजनिक क्षेत्र की अन्य कंपनियां जैसे राष्ट्रीय पारेषण कंपनी पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन आफ इंडिया (पीजीसीआईएल) और पनबिजली क्षेत्र की दिग्गज एनएचपीसी लिमिटेड भी लोगों तक पहुंचने का अभियान चला रही हैं। बिजली क्षेत्र की यह पीएसयू सहज हर घर बिजली योजना (सौभाग्य) के प्रचार के लिए अभियान चलाएंगी। इस योजना का मकसद देश के सभी घरों में मीटर लगाना और गरीबी रेखा के नीचे रह रहे परिवारों के लिए मुफ्त कनेक्शन मुहैया कराना है। यह योजना शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लिए है। सरकार की ई टेंडरिंग वेबसाइट से मिली जानकारी के मुताबिक पीजीसीआईएल ने कुल 5.82 करोड़ रुपये के 4 टेंडर जारी किए हैं, जो ओडिशा के कुछ जिलों में होर्डिंग लगाने के लिए हैं। लेह लद्दाख सहित जम्मू कश्मीर के विभिन्न जिलोंं में ऐसा ही एनएचपीसी करने जा रही है। एनएचपीसी का कुल टेंडर 26 लाख रुपये का है।
ताप बिजली क्षेत्र की दिग्गज एनटीपीसी की ई टेंडरिंग वेबसाइट ने सौभाग्य के लिए टेंडर जारी किया है, लेकिन यह अलग तरह का है। एनटीपीसी ओडिशा के एक दर्जन गांवों में अंतिम छोर पर बिजली कनेक्शन मुहैया करा रही है। 163.2 अरब रुपये की सौभाग्य योजना के तहत सरकार शहरी व ग्रामीण परिवारों तक बिजली पहुंचा रही है।
(साभार- बी.एस.)
swatantrabharatnews.com







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