अलीगढ़: AMU छात्रसंघ की चेतावनी- संघी राष्ट्रपति को परिसर में नहीं आने देंगे. हामिद अंसारी की वाइफ बोलीं- गलत है विरोध.
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में होने वाले दीक्षांत समारोह को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है।
7 मार्च को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में शामिल होने जा रहे राष्ट्रपति ।
अलीगढ़: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में होने वाले दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को बुलाने पर विरोध बढञता जा रहा है। एएमयू छात्रसंघ ने चेतावनी दी है कि राष्ट्रपति संघी विचारधारा के हैं। इसलिए उन्हें यूनिवर्सिटी के परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। वहीं, छात्रों द्वारा किए जा रहे विरोध का पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की पत्नी सलमा अंसारी ने विरोध किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की इज्जत हमारी इज्जत है। छात्र संगठन का विरोध पूरी तरह से गलत है। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में राष्ट्रपति का विरोध नहीं किया जा सकता है। वह हमारे लोकतांत्रिक देश का अभिन्न हिस्सा है।
क्या है विवाद
-एएमयू छात्रसंघ के सचिव ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को पत्र लिख कर कहा है कि आगामी 7 मार्च को होने जा रहे यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में किसी भी संघी मानसिकता के लोगों को निमंत्रण न दिया जाए। आपको बता दे कि इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को न्योता दिया गया है।
-छात्रसंघ के सचिव मो. फहद ने कहा कि हम राष्ट्रपति का विरोध नहीं बल्कि संघी मानसिकता का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 2010 में रामनाथ कोविंद ने अपने एक बयान में कहा था कि मुसलमान और ईसाई देश के लिए एलियन हैं। इस बयान से हमें अभी तक कष्ट है।
-छात्रसंघ के कैबिनेट मेंबर जैद शेरवानी ने कहा कि अगर 7 मार्च को राष्ट्रपति आते हैं तो हम उन्हें काले झंडे दिखा कर विरोध दर्ज करायेंगे।
क्या कहना है छात्रसंघ का
-एएमयू छात्रसंघ के पूर्व सचिव नदीम अंसारी का कहना है कि राष्ट्रपति की हम इज्जत करते हैं, लेकिन इस वक्त राष्ट्रपति का चेहरा संघी चेहरा है, किसी भी कीमत पर संघ के लोगों को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
- वहीं, मुस्लिम यूथ एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहम्मद आमिर रशीद ने एएमयू वीसी को पत्र लिखकर कहा है कि राष्ट्रपति के दौरे का विरोध करने वाले छात्रों के खिलाफ विश्यविद्यालय प्रशासन कार्रवाई करे नहीं तो 11 हजार राष्ट्रवादी मुस्लिम युवा भगवा ध्वज लेकर महामहिम राष्ट्रपति की आगवानी के लिए एएमयू कूच करेंगे।
32 साल बाद कोई राष्ट्रपति आ रहे हैं एएमयू
-अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में 32 साल बाद कोई राष्ट्रपति आ रहा है।
-इससे पहले 1986 में ज्ञानी जैल सिंह और उनसे भी पहले 1976 में फखरुद्दीन अली अहमद यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए थे।
पहले भी हो चुका है विवाद
-अक्टूबर 2017 में सर सैयद की 200वीं जयंती के मौके पर यूपी सरकार में मंत्री संदीप सिंह को यूनिवर्सिटी में आमंत्रित किया गया था। तब भी छात्र संगठन ने प्रदर्शन किया था।
-छात्र संगठन के नेताओं का कहना था कि हमें अंधेरे में रख कर बीजेपी नेता को बुलाया गया। इसके लिए वीसी सार्वजनिक माफ़ी मांगे। छात्रसंघ का कहना था कि संदीप सिंह कल्याण सिंह के पोते हैं और वह बाबरी मस्जिद काण्ड के आरोपी हैं।
क्या कहना है यूनिवर्सिटी का
-एएमयू पीआरओ साफे किदवई का कहना है कि एएमयू में कोई भी किसी का विरोध नहीं करेगा, क्योंकि एएमयू के इतिहास में 32 वर्ष बाद कोई राष्ट्रपति मुख्य अतिथि बनकर आ रहे हैं। राष्ट्रपति का यहां इस्तकबाल किया जायेगा।
गिरिराज सिंह ने कहा बैन करो छात्र संगठन
-वहीं, मथुरा पहुंचे केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा ऐसे संगठन को तत्काल बैन कर देना चाहिए जो अपने राष्ट्रपति के विरोध की बात करे।
(साभार: भाष्कर)
सम्पादक- स्वतंत्र भारत न्यूज़
swatantrabharatnews.com







10.jpg)
![अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस- 01मई 2018: मजदूरों का शोषण - मानवता का उपहास - [रेल सेवक संघ]](http://www.swatantrabharatnews.com/uploads/images/10985359_750498361715733_4743675663368666332_n.jpg)
15.jpg)