भारत सरकार द्वारा एससीएल मोहाली के आधुनिकीकरण के लिए 4,500 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा; सरकार ने आश्वासन दिया कि इसका निजीकरण नहीं किया जाएगा: इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय
एससीएल में निर्मित 28 छात्रों द्वारा डिज़ाइन चिप्स को आज सौंपा गया
नई दिल्ली (PIB): केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय राज्य मंत्री श्री रवीनीत सिंह ने आज मोहाली के सेमीकंडक्टर लैबोरेटरी (एससीएल) का दौरा किया ताकि कार्य प्रगति एवं चल रही आधुनिकीकरण गतिविधियों की समीक्षा की जा सके।
यात्रा के दौरान, श्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा किया कि भारत सरकार एससीएल के उन्नयन एवं विस्तार के लिए 4,500 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। मंत्री ने आश्वासन दिया, "इसमें कोई संदेह नहीं है कि एससीएल मोहाली का आधुनिकीकरण होगा और इसका निजीकरण नहीं किया जाएगा। आगे एक लंबी यात्रा है और भारत इसके लिए तैयार है।" मंत्री एससीएल मोहाली में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, जहां 17 शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों द्वारा डिज़ाइन की गई 28 चिप्स सौंपी गईं।
इन चिप्स को चिप्स टू स्टार्ट-अप (सी2एस) कार्यक्रम के अंतर्गत छात्रों को प्रदान किए गए इलेक्ट्रॉनिक डिज़ाइन ऑटोमेशन (ईडीए) टूल्स का उपयोग करके डिज़ाइन किया गया है। इसके साथ ही, इस कार्यक्रम के अंतर्गत एससीएल में छात्रों द्वारा डिज़ाइन की गई कुल 56 चिप्स का निर्माण किया गया है।
मंत्री ने सेमिकंडक्टर प्रोसेस गैलरी और अभ्युत्थान प्रशिक्षण ब्लॉक का भी उद्घाटन किया। सेमिकंडक्टर प्रोसेस गैलरी में पुरानी पीढ़ी के बनावट उपकरणों से युक्त एक क्लीन रूम लैब प्रदर्शित की गई है। यह छात्रों को एक सेमिकंडक्टर फैब और एटीएमपी सुविधा का वास्तविक अनुभव प्रदान करती है। अभ्युत्थान प्रशिक्षण ब्लॉक में ऑनलाइन और ऑफलाइन सेमिकंडक्टर प्रशिक्षण मॉड्यूल और व्यावहारिक फ़ायर एवं सुरक्षा प्रशिक्षण शामिल हैं।
एससीएल मोहाली के लिए कार्य योजना
श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एससीएल मोहाली के लिए एक स्पष्ट कार्य योजना तैयार किया है और उन्होंने प्रमुख दृष्टि क्षेत्रों को रेखांकित किया है।
एससीएल को आधुनिक तकनीक से अपग्रेड किया जाएगा और सरकार 4,500 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसमें उत्पादन क्षमता में व्यापक वृद्धि शामिल होगी, जिसका लक्ष्य मौजूदा स्तर से 100 गुना ज्यादा वेफर्स का उत्पादन करना है।
एससीएल मोहाली छात्रों, शोधकर्ताओं एवं स्टार्ट-अप्स को निर्माण सुविधाएं प्रदान करके समर्थन देना जारी रखेगा, जिससे उनके चिप डिजाइन को वास्तविक सिलिकॉन में परिवर्तित करेगी।
विश्व स्तरीय ईडीए उपकरण
भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है जहां लगभग 300 विश्वविद्यालयों के छात्र सरकारी सहायता से उपलब्ध कराए गए विश्व स्तरीय ईडीए उपकरणों का उपयोग करके सेमीकंडक्टर चिप्स डिज़ाइन कर रहे हैं। श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह पारिस्थितिकी तंत्र विश्व में अद्वितीय है।
उन्होंने बल देते हुए कहा कि एससीएल प्रतिभा विकास, नवाचार और स्टार्टअप्स के लिए एक मंच बना रहेगा। अब तक एससीएल द्वारा प्रदान किया गया यह निर्माण समर्थन भविष्य में और बढ़ेगा।
भविष्य में एससीएल के आधुनिकीकरण कार्यक्रम का समर्थन करने के लिए, भारत सरकार ने पंजाब सरकार से 25 एकड़ भूमि आवंटित करने का आग्रह किया है।
रणनीतिक क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रणनीतिक क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता आवश्यक है और भारत स्वदेशी चिप विकास के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र बनेगा।
सी-डैक, डीआरडीओ एवं अन्य संगठनों का एक मजबूत संघ स्वदेशी चिप के डिजाइन, उत्पाद विकास एवं विनिर्माण में संयुक्त रूप से काम करेगा।
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